जातिवाद का दोषी कौन.... ? (आप और मैं)
जातिवाद एक ऐसी विचित्र समस्या हैं जिसका विरोध सभी करते है लेकिन समर्थन भी स्वयं ही करते है। यह समस्या किसी एक के द्वारा उत्पन्न नहीं बल्कि हर जाति इसकी बराबर की दोषी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण वह छुटभैये नेता हैं जो अपनी प्रोफाइल पर अलाना समाज फलाना समाज लिख कर अपने समाज का गुणगान करते नहीं थकते। ये अच्छी बात हैं कि आप समाज के लिए सोचते है लेकिन अपने समाज के लिए सोचते है इससे ज्यादा जातिवाद और क्या हो सकता है ? अब समझिये यदि कुछ लोग आपका अपना समाज है तो बाकी देश के लोग पराये है क्या ? हमारी बातें सिर्फ अपने समाज को लेकर होती है कभी हम लोग देशवाशियों की बात ही नहीं करते इसका जीता जगता उदाहरण आप फेसबुक हो या ट्वीटर हो या कोई भी सोशल मीडिया अकाउंट हो आप देख लो आपकी अंतरात्मा कांप जाएगी। हो सकता है आप और मैं भी भी वहीँ खड़े हों। किसी का #ब्राह्मण #क्षत्रिय #राजपूताना #वाल्मीकि समाज #पासी समाज #अलाना #फलाना यही सब मिलेगा आपको और यही सब जातिवाद को हटाने की सबसे ज्यादा बातें करते है। अरे भाई जातिवाद हटाना है तो पहले अपनी प्रोफाइल से हटाओ फिर समाज से हटाने की कोशिश करना।
कुछ लोग है वह इन समस्याओं से जूझ रहे है लेकिन वो समझ ही नहीं पाते की इसका निवारण कैसे करना हैं ? जब भी वह सही के लिए लिखने जाते हैं तो प्रोफाइल पर लगा # उन्हें डरा देता है कि कहीं इस समाज के लोग मेरा विरोध न कर दें। कहीं उस समाज के लोग मिलकर मेरा सार्वजानिक अपमान ना करें इसलिए बेचारा टाइपिंग से ऊँगली हटा लेता हैं और सत्य कहीं दब जाता हैं। अब बताओ भाई इसके लिए दोषी कौन ?
आप और मैं
अब थोड़ा नजर डालते है छोटे छोटे बिंदुओं पर मान लीजिये एक व्यक्ति से गलती होती हैं तो यह गलती उस व्यक्ति की व्यक्तिगत रूप से की गयी गलती है। हमारे यहाँ समस्या ये है कि वह व्यक्ति इसको स्वीकार करने की बजाय इसको अपने समाज और दूसरे के समाज में विभाजित करके उस गलती का दोषी तथाकथित अपने सारे समाज को बना लेता है तांकि वह एक ऐसा विवाद खड़ा कर सके कि उसके बचाव हेतु लोग उसका सहयोग करें और यह विवाद जो गलती की वजह से खड़ा हुआ सामाजिक रूप ले लेता है। अब सोचिये कि गलती जो एक अपराध है उसके लिए सजा होने की जगह दो समाज आपस में लड़ रहे एक समाज उसको सही रूप चढाने की कोशिश कर रहा होता है और दूसरा समाज उस व्यक्ति को छोड़ पूरे समाज को दोषी सिद्ध करने में लग जाता है। क्यों भाई सबने ऑंखें बंद कर ली हैं क्या ?
अब बात करते है अधिकांश मामलो में यह होता क्यों हैं इसको एक उदाहरण से समझते है एक व्यक्ति दो कुत्तों के बीच एक रोटी डालता है उसका उद्देश्य दोनों को लड़ाना है। जब वह रोटी डालता है तो दोनों उस रोटी को खाने के लिए आपस में लड़ते है और वह व्यक्ति उन्हें देख कर खुश होता है तालियां बजाता है। उस व्यक्ति को कोई मतलब नहीं सही, गलत से और ना ही उन दोनों की जीवन मृत्यु से, उसे इस बात से ख़ुशी मिलती है कि उसने जो योजना बनाई थी वह उसमे पूर्णतया सफल रहा और उसका आत्मबल इन कृत्यों को करने के लिए और अधिक बढ़ता है। अब इससे दो बहुत गंभीर प्रश्न उठते हैं।
1- क्या जातिवादी के लिए हम सब बराबर के दोषी नहीं ?
2- क्या हमने उस व्यक्ति को पहचानने की कोशिश की जो यह कृत्य कर रहा हैं ?
नहीं हम निश्चित ही यह दोनों कार्य नहीं करते क्यूंकि हमें अपना समाज ऊपर करना हैं देश नहीं।
मैं यह बहुत गंभीर तथ्य सामने रख सकता हूँ कि #ब्राह्मण #क्षत्रिय लगाने वाले लोगों ने अपनी वास्तविक किताबें #वेद #उपनिषद #गीता कभी पढ़ी ही नहीं होंगी मात्र .05 प्रतिशत लोगों को ही इसका सम्पूर्ण ज्ञान होगा और सोशल मीडिया पर अधिकतर लोग बिना जाने सोचे ज्ञान देते हैं चाहे वह सही हो या गलत। वर्ण जातिवाद ये सब भ्रामक जानकारियां है जिनको हमने अपने # पर लगा लगा कर एवं सिर्फ अपने समाज की बातें करके बढ़ावा दिया है, यदि इन सभी समस्याओं पर सच में विजय पानी है तो अपनी वास्तविक किताबों का ज्ञान लीजिये । जिन लोगों ने इन किताबों की व्याख्या विगत 100 200 सालों में की हैं उन्होंने इस व्याख्या को अपने अनुरूप बनाकर प्रस्तुत किया है। इसलिए वास्तविक ज्ञान लीजिये पारिस्थितिक ज्ञान नहीं। यह हर #सनातनी के लिए आवश्यक है।
जिन लोगों का #दलित #पासी #वाल्मीकि #अम्बेडकरवादी अपनी प्रोफाइल पर लगा है उन्होंने भी #सनातनी किताबें तो छोड़ दीजिये बाबा जी की #रानाडे, गाँधी और जिन्ना #पाकिस्तान पर विचार #संविधान #मनुस्मृति कुछ नहीं पढ़ा होगा। उनको बस इतना पता हैं कि मनुस्मृति जलानी हैं और फोटो सोशल मीडिया पर अपडेट करनी है क्यों जलानी है कारण का कुछ नहीं मालूम। पढ़िए और समझिये तभी तो कारण होगा कि क्यों जलानी हैं। ऐसे अनेकों उदाहरण है जिनको स्वयं से आंकलन करना महत्वपूर्ण है।
मैं यह कदापि नहीं कहता कि किसी समाज में गलत नहीं हुआ गलत सब जगह होता हैं शोषण दलितों का भी हुआ तो दलितों ने भी बनाये गए कानूनों का दुरुपयोग किया है। यह बात सभी पर लागू नहीं होती फिर भी दोनों समाज एक दूसरे के घोर विरोधी है जबकि वो गलत लोग मात्र .01 प्रतिशत से कम हैं लेकिन विवाद में दोनों समाज एक दूसरे के आमने सामने हो जाते हैं।
समस्या का स्थायी निवारण यह हैं कि हर जाति अपनी अपनी गलतियों का आंकलन करे। परस्पर सहयोग की भावनाएं पैदा करे। देश की मूल समस्याओं पर विचार कर प्रगति के पथ पर मिलकर आगे बढे। किसी व्यक्ति के द्वारा की गयी गलती को ना ही सामाजिक रूप चढाने की कोशिश करें और ना ही उस व्यक्ति का समर्थन करें। जो गलती हो उसको सारा समाज आगे बढ़कर सुधारने का प्रयत्न करे एवं समस्या को बड़ा रूप देने की बजाय उसके समाधान की तरफ अग्रसर रहे।
यह सत्य नहीं कि यहाँ गलतियां नहीं होंगी यह जीवन है यहाँ गलतियां होना स्वाभाविक है गलती होगी इसके लिए पहले से अपने मस्तिष्क को तैयार रखें एवं उनके समाधान हेतु ही अपने ज्ञान का प्रयोग करें। गलती किसी से भी हो क्रोध एवं ईर्ष्या के भाव से कोई कार्य ना करें अपितु उन गलतियों हेतु सुधारात्मक रहने की कोशिश करें।
यहाँ सर्वज्ञान संपन्न कोई नहीं इस बात का विशेष ध्यान रखें।
मैं समझ सकता हूँ आप सब लोग यह पढ़ कर मुझ पर थोड़ा बहुत गुस्सा कर सकते है परन्तु यदि आप 7 दिन सिर्फ सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखना सुरु करेंगे तो आपको यह बातें बहुत अच्छे से समझ आ जाएँगी कि यह बातें कितनी सत्य है कितनी असत्य। मेरा उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं अपितु पारस्परिक एकता हेतु सत्य का बोध करवाना है यदि सत्य हमारे सामने होगा तो हम उसकी विवेचना कर सकते हैं। यदि सभी ने सत्य स्वीकार करना सुरु कर दिया तो यह समस्याएं बहुत जल्दी हल हो जाएँगी ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है।
सत्य सिर्फ एक है और वह हमारे अंदर अंतरात्मा में समाहित हैं हम सब जानते हैं कि क्या सत्य है क्या असत्य। जो जितना जानता है उसका सही गलत उतना ही होता है परन्तु सत्य असत्य वह भी समझता है। सामाजिक समस्याओं पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है इसका तात्पर्य कि समाज में समस्याएं बहुत हैं परन्तु यदि समाधान किया जाये तो बहुत से अच्छे कार्यों कि उत्पत्ति होती है । इसलिए समस्याओं पर ध्यान रखने से ज्यादा आवश्यक हैं कि समाधान की तरफ ध्यान एकत्रित किया जाये। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि हम सब अपनी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल से # का अर्थ समझाने कि कोशिश कर अपना सामाजिक दायित्व निभाएंगे।
आशीष भट्ट

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