संदेश

मन

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खूबसूरत मन कह रहा था मुझसे, तू किसको ढूंढ रहा है। अंधेरा तेरे जीवन का तो, तेरे ही अंदर ही बसा है, ना कर तू वो कोशिश जिससे हार जाए, कर खुद को समझने की कोशिश तांकि, अंदर का अंधेरा भाग जाए। तेरी ख्वाइशों पर पंख है इतने, कि कोई भी दूर तुझसे चला जाए, इनको थोड़ा सा संभाल तू तांकि सब तेरे करीब आएं। ज़िंदगी रह नही सकती तेरी गुलाम होकर, समय भी तेरा निकल रहा इसको इस्तेमाल कर   सामने बर्बादी खड़ी है तेरी, परिंदों की तरह उड़ान भर कर। न वक़्त को यूं अपना मोहताज़ बना तू, संभल जा अभी भी थोड़ा सुधर जा तू।

नारी सशक्तिकरण

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                                        कन्याओं को पूजने वाला यह भारत वर्ष यदि नारी सशक्तिकरण की बात करता है तो यहाँ सबको यह सोचने की आवश्यकता है कि जिस देश में नारी पहले से ही सशक्त है वहां उसको कमजोर दिखा कर हम सिद्ध क्या करना चाहते हैं।  यह हमारी मानसिकता का परिचय है और यह मानसिकता यह सिद्ध करती है कि हम सब की सोच में एक ग्रहण लगा है जिसको खत्म करना ही होगा। यहाँ इस देश में लाखों महिलाएं आज एक उदाहरण है। यह बात चाहे हम किसी भी सदी की करें महिलाओं के योगदान के बिना सृष्टि की रचना की परिकल्पना करना भी असंभव है फिर यह सशक्ति करण की आवश्यकता कहाँ से लगने लगी।                                         आप सब जब यह प्रश्न स्वयं से करेंगे की आपकी घर की महिलाओं में क्षमता नहीं है तो इस का उत्तर आपको स्वयं मिल जायेगा और आपका उत्तर भी यही होगा कि हमारे घर कि महिलाएं स्वयं में सक्षम हैं फिर जब आप...

समर्पण

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                         जीवन में समस्याएं आती जाती रहती हैं हमारा व्यवहार और काम ही यह सिद्ध करता है कि हमने कितने समर्पण से यह लक्ष्य पाया है।  ईश्वर आपको किसी न किसी माध्यम से प्रेरित करते हैं यह हमारे बुद्धि विवेक पर निर्भर करता है कि हम उसको कितना समझ पाते हैं। संकट की इस घडी में जब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करना है तो ईश्वर ने मार्ग प्रदर्शित किया " कार्य के लिए समर्पण " यही एक मात्र मार्ग है जिस पर अडिग रहकर परिस्थितियों से लड़ा जा सकता है।  सम्पूर्ण सृष्टि हमें समर्पण एवं धैर्य का सन्देश देती है और हम आजीवन इन्ही महत्वपूर्ण बातों से दूरियां बना लेते हैं।                             यह बात बताने का एक उद्देश्य है क्यूंकि जिस कार्य हेतु मैं चिंतित था उस कार्य को किसी का समर्पण लगभग कार्य पूर्ण करने की स्थिति में ले आया है जिसके लिए वह आभार तक व्यक्त नहीं करने देना चाहते मात्र यह बोलकर कि यह उनका कर्तव्य था परन्तु सत्य यह है कि यह उनक...

आध्यात्म

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                       वैसे तो आध्यात्म पर बहुत बड़ा लेख लिखा जा सकता है क्यूंकि आध्यात्म जीवन की वह प्रक्रिया है जो हमें मोह माया से परे होने के पश्यात प्राप्त होती है तो जीवन के मोह से लेकर आध्यात्म तक के मार्ग  पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है परन्तु यहाँ हमारे जीवन की घटनाओं से ही हम अनुभव प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।                      अब जीवन की बात आ रही तो पहले जीवन से सुरु करते हैं।  जब भी एक नवजीवन जन्म लेता है तो माता पिता उसके मोह में कैद हो जाते है।                   अब समझते है कि प्रेम की जगह मोह ने कैसे ले ली ? इसके लिए प्रेम और मोह का अंतर समझना आवश्यक हैं।                      मोह हमें दूसरों पर अपेक्षा करना सिखाता है यदि हम किसी का कोई कार्य कर रहे हैं तो हम उससे अपेक्षा करते हैं कि उस कार्य के बदले वह भी हमारे लिए कुछ करेगा यानि स्वार्थ पैदा हु...

जातिवाद का दोषी कौन.... ? (आप और मैं)

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                                जातिवाद एक ऐसी विचित्र समस्या हैं जिसका विरोध सभी करते है लेकिन समर्थन भी स्वयं ही  करते है। यह समस्या किसी एक के द्वारा उत्पन्न नहीं बल्कि हर जाति इसकी बराबर की दोषी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण वह छुटभैये नेता हैं जो अपनी प्रोफाइल पर अलाना समाज फलाना समाज लिख कर अपने समाज का गुणगान करते नहीं थकते। ये अच्छी बात हैं कि आप समाज के लिए सोचते है लेकिन अपने समाज के लिए सोचते है इससे ज्यादा जातिवाद और क्या हो सकता है ? अब समझिये यदि कुछ लोग आपका अपना समाज है तो बाकी देश के लोग पराये है क्या ? हमारी बातें सिर्फ अपने समाज को लेकर होती है कभी हम लोग देशवाशियों की बात ही नहीं करते इसका जीता जगता उदाहरण आप फेसबुक हो या ट्वीटर हो या कोई भी  सोशल मीडिया अकाउंट हो आप देख लो आपकी अंतरात्मा कांप जाएगी।  हो सकता है आप और मैं भी भी वहीँ खड़े हों। किसी का #ब्राह्मण #क्षत्रिय #राजपूताना #वाल्मीकि समाज #पासी समाज #अलाना #फलाना यही सब मिलेगा आपको और यही सब जातिवाद को हटाने की सबसे ज...

समय का अनुभव

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                   समय कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता यह सिर्फ कहा ही नहीं जाता बल्कि अटल सत्य है परन्तु एक और कटु सत्य है इस बात का आभास तब होता है जब वह निकल जाता है।   यह सब आपके जीवन का कभी ना कभी अनुभव रहा होगा।                     वर्षों ख़राब करने के बाद भी यदि इस बात का आभास हो जाये तो आप बहुत भाग्यशाली मनुष्य है क्यूंकि कई लोगों को तो मरते दम तक   भी यह नहीं पता होता कि उनके पूर्ण जीवन में उन्होंने ऐंसा क्या नहीं किया जो उनको करना चाहिए था।   समय एक विचित्र पहेली है इसका ज्ञान प्राप्त करने हेतु एक मात्र उपाय आपका एकांत है परन्तु यह भी सत्य है कि उस एकांत को अकेलापन नाम देकर आप बहुत कुछ पाने से खो देते हैं।   एकांत स्वयं को पाने का सबसे सुगम मार्ग है।   एकांत वह मार्ग है जिससे आप स्वयं के सत्य से परिचित होते   हैं परन्तु हम एकांत को अकेलापन नाम देकर दूसरों का साथ ढूंढने लगते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी चूक होती है।           ...

लाउड हो तुम ( M )

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                                                  भारत देश एक ऐसी सांस्कृतिक धरा हैं जिसका वर्णन यदि प्रारम्भ किया जाये तो अंत होने का कोई निश्चित समय नहीं इसका वर्णन ही अन्नत हैं।  सर्वे भवन्तु सुखिनः से लेकर शठे शाठ्यम समाचरेत तक का पाठ पढ़ाने वाली हमारी संस्कृति का अनुभव कितना प्राचीन होगा उसका आभास हमारे सौर मंडल की उत्कृष्ट विज्ञान बोध करवाती हैं। विश्व के कल्याण के लिए कामना करने वाली संस्कृति से यदि किसी को बैर हैं तो यह संस्कृति का नहीं अपितु उन लोगों का दोष हैं जो इसको समाप्त करना चाहते हैं।                                              लगातार होते सांस्कृतिक हमले शांति तो भंग कर ही रहे साथ ही हिन्दुओं को सनातन बचाने हेतु प्रेरित भी कर रहे। यहाँ यदि मैं बचाने शब्द का प्रयोग कर रहा हूँ तो इसका अभिप्राय आत्मरक्षा होता हैं और आत्मरक्षा म...