नारी सशक्तिकरण
कन्याओं को पूजने वाला यह भारत वर्ष यदि नारी सशक्तिकरण की बात करता है तो यहाँ सबको यह सोचने की आवश्यकता है कि जिस देश में नारी पहले से ही सशक्त है वहां उसको कमजोर दिखा कर हम सिद्ध क्या करना चाहते हैं। यह हमारी मानसिकता का परिचय है और यह मानसिकता यह सिद्ध करती है कि हम सब की सोच में एक ग्रहण लगा है जिसको खत्म करना ही होगा। यहाँ इस देश में लाखों महिलाएं आज एक उदाहरण है। यह बात चाहे हम किसी भी सदी की करें महिलाओं के योगदान के बिना सृष्टि की रचना की परिकल्पना करना भी असंभव है फिर यह सशक्ति करण की आवश्यकता कहाँ से लगने लगी। आप सब जब यह प्रश्न स्वयं से करेंगे की आपकी घर की महिलाओं में क्षमता नहीं है तो इस का उत्तर आपको स्वयं मिल जायेगा और आपका उत्तर भी यही होगा कि हमारे घर कि महिलाएं स्वयं में सक्षम हैं फिर जब आप...