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आध्यात्म

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                       वैसे तो आध्यात्म पर बहुत बड़ा लेख लिखा जा सकता है क्यूंकि आध्यात्म जीवन की वह प्रक्रिया है जो हमें मोह माया से परे होने के पश्यात प्राप्त होती है तो जीवन के मोह से लेकर आध्यात्म तक के मार्ग  पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है परन्तु यहाँ हमारे जीवन की घटनाओं से ही हम अनुभव प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।                      अब जीवन की बात आ रही तो पहले जीवन से सुरु करते हैं।  जब भी एक नवजीवन जन्म लेता है तो माता पिता उसके मोह में कैद हो जाते है।                   अब समझते है कि प्रेम की जगह मोह ने कैसे ले ली ? इसके लिए प्रेम और मोह का अंतर समझना आवश्यक हैं।                      मोह हमें दूसरों पर अपेक्षा करना सिखाता है यदि हम किसी का कोई कार्य कर रहे हैं तो हम उससे अपेक्षा करते हैं कि उस कार्य के बदले वह भी हमारे लिए कुछ करेगा यानि स्वार्थ पैदा हु...

जातिवाद का दोषी कौन.... ? (आप और मैं)

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                                जातिवाद एक ऐसी विचित्र समस्या हैं जिसका विरोध सभी करते है लेकिन समर्थन भी स्वयं ही  करते है। यह समस्या किसी एक के द्वारा उत्पन्न नहीं बल्कि हर जाति इसकी बराबर की दोषी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण वह छुटभैये नेता हैं जो अपनी प्रोफाइल पर अलाना समाज फलाना समाज लिख कर अपने समाज का गुणगान करते नहीं थकते। ये अच्छी बात हैं कि आप समाज के लिए सोचते है लेकिन अपने समाज के लिए सोचते है इससे ज्यादा जातिवाद और क्या हो सकता है ? अब समझिये यदि कुछ लोग आपका अपना समाज है तो बाकी देश के लोग पराये है क्या ? हमारी बातें सिर्फ अपने समाज को लेकर होती है कभी हम लोग देशवाशियों की बात ही नहीं करते इसका जीता जगता उदाहरण आप फेसबुक हो या ट्वीटर हो या कोई भी  सोशल मीडिया अकाउंट हो आप देख लो आपकी अंतरात्मा कांप जाएगी।  हो सकता है आप और मैं भी भी वहीँ खड़े हों। किसी का #ब्राह्मण #क्षत्रिय #राजपूताना #वाल्मीकि समाज #पासी समाज #अलाना #फलाना यही सब मिलेगा आपको और यही सब जातिवाद को हटाने की सबसे ज...