आध्यात्म
वैसे तो आध्यात्म पर बहुत बड़ा लेख लिखा जा सकता है क्यूंकि आध्यात्म जीवन की वह प्रक्रिया है जो हमें मोह माया से परे होने के पश्यात प्राप्त होती है तो जीवन के मोह से लेकर आध्यात्म तक के मार्ग पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है परन्तु यहाँ हमारे जीवन की घटनाओं से ही हम अनुभव प्राप्त करने की कोशिश करेंगे। अब जीवन की बात आ रही तो पहले जीवन से सुरु करते हैं। जब भी एक नवजीवन जन्म लेता है तो माता पिता उसके मोह में कैद हो जाते है। अब समझते है कि प्रेम की जगह मोह ने कैसे ले ली ? इसके लिए प्रेम और मोह का अंतर समझना आवश्यक हैं। मोह हमें दूसरों पर अपेक्षा करना सिखाता है यदि हम किसी का कोई कार्य कर रहे हैं तो हम उससे अपेक्षा करते हैं कि उस कार्य के बदले वह भी हमारे लिए कुछ करेगा यानि स्वार्थ पैदा हु...