संदेश

अप्रैल, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लाउड हो तुम ( M )

चित्र
                                                  भारत देश एक ऐसी सांस्कृतिक धरा हैं जिसका वर्णन यदि प्रारम्भ किया जाये तो अंत होने का कोई निश्चित समय नहीं इसका वर्णन ही अन्नत हैं।  सर्वे भवन्तु सुखिनः से लेकर शठे शाठ्यम समाचरेत तक का पाठ पढ़ाने वाली हमारी संस्कृति का अनुभव कितना प्राचीन होगा उसका आभास हमारे सौर मंडल की उत्कृष्ट विज्ञान बोध करवाती हैं। विश्व के कल्याण के लिए कामना करने वाली संस्कृति से यदि किसी को बैर हैं तो यह संस्कृति का नहीं अपितु उन लोगों का दोष हैं जो इसको समाप्त करना चाहते हैं।                                              लगातार होते सांस्कृतिक हमले शांति तो भंग कर ही रहे साथ ही हिन्दुओं को सनातन बचाने हेतु प्रेरित भी कर रहे। यहाँ यदि मैं बचाने शब्द का प्रयोग कर रहा हूँ तो इसका अभिप्राय आत्मरक्षा होता हैं और आत्मरक्षा म...

सेक्युलर

चित्र
  यह मेरे द्वारा रात्रि को देखा गया एक स्वप्न हैं जिसका विस्तार पूर्वक वर्णन कर रहा हूँ। इसमें किसी जाती  धर्म मजहब का कोई लेना देना नहीं हैं।  स्वप्न प्रारम्भ से अंत तक स्वप्नं के अनुसार ही प्रस्तुत किया गया हैं अतः इसकी परिकल्पना आप भी मात्र स्वप्नं समझ कर ही करें।  आज का लेख उन सेक्युलर हिंदुओं को समर्पित है जिन्हे समय और सच्चाई से कोई मतलब नहीं इसलिए आज के लेख में बहुत अधिक कठिन शब्दों का प्रयोग भी नहीं करूँगा।  आते हैं आज के मुद्दे पर।  वो कौन  से सेक्युलर हैं भाई जिन्हे  यह अब भी समझ नहीं आ रहा कि इस्लामिक आतंकवाद को इस्लामिक आतंकवाद ही कहना चाहिए, और क्यों नहीं समझ आ रहा, यह मैं नहीं समझ पा रहा।  अब चाहे सदियों का इतिहास उठा लो, या आज को ही देख लो मानसिकता में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है सारी समस्याएं वही हैं, और इरादे भी वही हैं, फिर कहाँ हमारी शिक्षा हमें ऐंसे नालायक दे रही है, वह कौन सी शिक्षा है जिसे ग्रहण करने के बाद भी हम सच्चाई से बहुत दूर हैं, कहीं हमारी शिक्षा का एक बड़ा भाग वह चाटुकार तो नहीं खा गए, जिन्हे इस देश की शिक...