कल्पनाएं एवं उद्देश्य

         


 



                                       कल्पनाओं की उड़ान बहुत ऊँची हो सकती है परन्तु वास्तविक जीवन का बुलबुला एक अचंभित स्वप्न की भांति होता है जिसमे स्वप्न देखने वाले एवं स्वप्न में आने वाले दोनों को ही बोध नहीं होता है कि दोनों कहाँ किस स्थिति में हैं। मैं इस बात को भली भांति समझ सकता हूँ कि इसका भावार्थ समझ पाना थोड़ा मुश्किल है परन्तु यदि आप इसे कुछ समय निरंतर पढ़ते हैं तो यह आपकी समझ में भी आएगा और यह आपके जीवन से सम्बन्ध भी रखता होगा। 


                                   आज के समय में जिन समस्याओं के साथ हम लोग जीवन व्यतीत कर रहे हैं यह समस्याएं हमारे द्वारा ही निर्मित हैं।  जब भी हम अपने भूत को देखेंगे और उसका चिंतन करेंगे तो यह समझना बहुत आसान हो जायेगा कि कौन सी समस्या का जन्म कहाँ हुआ हमारे हर एक कर्म का प्रभाव हमारे आने वाले भविष्य में अवश्य दिखाई देता है अतः हमे अपने पूरे दिन का मूल्याङ्कन स्वयं रात्रि सोने से पहले अवश्य कर लेना चाहिए। हम भविष्य को जान तो नहीं सकते परन्तु भविष्य अच्छा हो इसके लिए कार्यरत होकर यह सुनिश्चित अवश्य कर सकते हैं कि हमारा भविष्य का निर्माण किन उद्देश्यों पर आधारित हो।  हम कई बार जाने अनजाने ही अपने जीवन की दिशा में अचानक बदलाव कर देते हैं जो कि हमारे लिए उपयुक्त नहीं।  ऐसे अचानक हुए परिवर्तन हमारे पूर्ववत चल रहे कार्यों में बाधक का कार्य ज्यादा करते हैं अतः अपनी दिशा को एक सामान रख उसी पर कार्यरत रहना चाहिए। 

                   सफलता की सही परिभाषा नहीं है ना ही इसका कोई मापक है कि यहाँ पहुंच कर आप सफल हैं परन्तु यदि आप स्वयं से संतुष्ट हैं तो आप सफल हैं। सफलता और विफलता यह दोनों ही हमारे मस्तिष्क का भ्रम है यदि आप सही राह पर है तो आप सफलता को सही परिभाषित करना सरल हो जाता है परन्तु उसके बाद भी इसका व्याख्यान शब्दों में करना संभव नहीं है।  यह हमारे मन और चेतना का विषय है और यह वहीँ तक सीमित भी रहता है।  

                              "सफलता का सही बोध हमारी चेतना को ही होता है अतः यदि आप सफलता हेतु स्वयं का मूल्याङ्कन करना चाहते है तो यह विषय आपका और आपकी चेतना का है जिसका विश्लेषण आप स्वयं के साथ ही कर सकते है।" 

                                     उद्देश्य रहित जीवन सदैव आपके जीवन में भटकाव ही लाता है कई बार हम भटकाव में बहुत सारी गलतियां करते हैं जिनका हमें भविष्य में भुगतान करना पड़ता है और उनके गंभीर परिणाम हमें देखने को मिलते हैं कई बार हम ऐसे व्यक्तियों की भूमिका अपने जीवन में भूल जाते हैं जिनका योगदान हमारे जीवन में निश्वार्थ होता है परन्तु हम उनको उद्देश्य रहित जीवन के चलते समझ नहीं पाते और अच्छे लोगों का साथ हमारे जीवन से छूटता चला जाता है और यही हमारे तनाव का मुख्य कारण बनता चला जाता है।  

                            


                                  मनुष्य जीवन में होने के कारण हमें थोड़े संघर्ष तो करने पड़ते हैं परन्तु यह संघर्ष यदि हम स्वीकार कर लें तो जीवन सरल हो सकता है परन्तु यह करने हेतु बहुत धैर्य की आवश्यकता है जो हमें अपने चेतन और अवचेतन मन में किसी भी प्रकार से लाना होगा।  हम चिंतित तब होते हैं जब हम कुछ खोने से डरते हैं यदि हम कुछ पाने का प्रयास करें तो संभवतः हम पाने की लालसा के चलते चिंतित कम होंगे। 



                                         जीवन के सार बहुत हैं परन्तु अकारण जीवन में अस्थिरता आना ही हमारे कमजोर मन की पहचान है।  जो व्यक्ति किसी भी वस्तु की अधिकता एवं किसी वस्तु के कारण अपने स्वाभाव में परिवर्तन नहीं आने देते वह सफल हैं।  इसको छोटे आज के परिपेक्ष में समझते हैं धन की अधिकता या कमी से यदि हमारे स्वभाव में परिवर्तन होते हैं तो हम उसे अर्जित करने हेतु योग्य नहीं हुए हैं यह हमें समझना पड़ेगा। 

   "स्वयं को स्वीकार करना एवं स्वयं में परिवर्तन लाना ही हमारे व्यव्हार में अनुकूल प्रभाव ला सकते हैं।" 

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