देश के जयचंद और उनकी रणनीति
अजीब मानसिकता हो गयी है विरोधियों की। विरोध ऐसी बातों का करना चाहिए जिनका देश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। विरोध में अंधे होकर स्वयं की मातृभूमि के साथ विश्वास घात एवं अल्प ज्ञान की अधिकता इतनी ना हो की विरोधियों का समूल नाश करने हेतु स्वयं ईश्वर को अवतरित होना पड़े। इस देश में ऐंसा प्रतीत हो रहा मानो २६ जनवरी के बाद ही विरोधी और पागल हो गए हैं ऐंसा लग रहा है जैसे विरोधियों की मानसिकता विक्षिप्त कुत्ते की भांति हो गयी है कि उन्हें यह भी नहीं दिखाई दे रहा कि वह क्या कर रहे हैं और क्या कह रहे हैं ?
दीप सिद्धू जब तक पकड़ा नहीं गया था तब तक वो क्यों फरार है और अब पकड़ा गया है तो उसे छुड़ाने की होड़ लगी है।
ग्रेटा थनबर्ग जब तक ट्ववीट करती है तब तक ठीक जब पूरा काला चिठ्ठा भेजती है तब सब पागल हो जाते हैं।
मो धालीवाल , पुनीत, निकिता जैकब , ऐंसे कई नाम इस सूची में हैं लेकिन जिसकी आज मैं बात करूँगा वो है दिशा रवि क्यूंकि अगर मैं सबकी बात करूँगा तो लेख बहुत लम्बा हो जायेगा।
दिशा रवि आज मैं हैरान हूँ कि ग्रेटा थनबर्ग की पर्यावरण मुहीम की अपार सफलता के बाद दिशा रवि ने फ्राइडे फॉर फ्यूचर शुरू किया। अब तक की जाँच में दिशा का कहीं नाम नहीं था अचानक से इसका नाम आना एक बड़ी आशंका कि तरफ इशारा करती है। अगर मैं कहूं कि गिरफ्तारी होने से पहले दिशा रवि पुलिस के राडार पर ही नहीं थी जिसके लिए पुलिस ने अपने स्टेटमेंट भी जारी किये हैं। अब मैं वामपंथियों द्वारा साँझा किये जाने वाली जानकारियों से स्तब्ध हूँ कि इसकी गिरफ्तारी पर उठ रहे सवाल और उनको किसी न किसी गतिविधि से जोड़ने का पूर्ण प्रयास वामपंथियों और विरोधियों द्वारा किया जा रहा है । चलिए मैंने मान लिया कि गिरफ्तारी गलत थी इसको सीधा कोर्ट में ले जाना भी गलत था लेकिन कोर्ट में कुछ ऐंसे तथ्य तो जरूर रखे गए होंगे जिसके आधार पर कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा। २६ जनवरी हिंसा में शामिल लोगों के लिए कांग्रेस के वकील दिशा रवि को बच्ची बता कर उसकी जांच न होने देना एवं उस सरकारी तंत्र का पुरजोर विरोध करना हमारी मानसिकता पर सवाल उठता है। किसान आंदोलन के रूप में जन्म लिए इस विरोध की जड़ें कहाँ कहाँ तक फैली हुए हैं यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। कुछ लोग दिशा रवि को बचाने का पूर्ण प्रयास कर रहे हैं जिनको यह नहीं पता कि अभी यह केवल जाँच का विषय है हम इतने अंधे नहीं है कि यह भी न देख पाएं कि जो अभी पकड़ा गया है उसके लिए आप इतने एक्टिव क्यों हो रहे हो।
ग्रेटा थनबर्ग १८ साल की है ट्वीट करती है तो वह बच्ची नहीं होती उस समय तारीफों के पुल बांध दिए जाते हैं और दिशा रवि पकड़ी जाती हैं तो वह बच्ची हो जाती हैं तो समझने की आवश्यकता है कि कुछ चंद जयचंदों की सोच कहाँ है और क्या है ?
पुलिस का दिशा को गिरफ्तार करने का आधार बिलकुल सही है क्युकी गूगल ने जो जानकारी पुलिस को दी है वह ग्रेटा थनबर्ग एवं उस पत्र जिसको टूलकिट नाम दिया गया है से मिलान करती है जो ग्रेटा थनबर्ग द्वारा ट्वीटर पर साँझा किया गया था जिसके आरोप दिशा पर लग रहें हैं। अभी जो विरोध इस देश में हो रहा है वह उसी टूलकिट में लिखा गया है यानि कि पूर्व प्रायोजित एक कार्यकर्म चल रहा है कि कोई पकड़ा जाये तो क्या करना है कैंसे देश को जलाना है कैंसे सबको आवाज़ उठानी है। इसका मतलब कि वह टूलकिट इस भारत वर्ष को बर्बाद करने के लिए लिखा गया है जिसकी सत्यता कि पुष्टि हालातों को देखते हुए हो रही है। यदि यह किसान आंदोलन है तो किसान मंच से अल्लाह हु अकबर बाबरी मस्जिद बनेगी ये कौन से नारे हैं भाई। हिन्दुओं कि हत्या सांप्रदायिक नहीं हो सकती लेकिन मुस्लिम की हत्या सांप्रदायिक होना निश्चित है ये कौन सी सोच है भाई।
हम कहाँ है और स्थिति कितनी भयावह है इसके उदाहरण देता हूँ हिन्दू, हिन्दू मुस्लिम करने में शर्माता है लेकिन मुस्लिम हिन्दू को मरने में नहीं। यहाँ प्रियंका गाँधी हिन्दुओ को मुर्ख कह कर हमारे साधुओं के सही स्नान को पाखंड बता कर राजनीती करती है। यहाँ अखलाख की मौत उसके परिवार को करोड़पति बना सकती है लेकिन निकिता को खुलेआम मारने वाले को सजा नहीं हो सकती। रिंकू शर्मा का कोई पूछने वाला नहीं है।
यह बहुत कम उदाहरण दे रहा हूँ जरा ध्यान से सोचिये कि क्या हो रहा है इनकी जड़ें कहाँ कहाँ फैली हुई हैं। गलत और भ्रमित करने वाली जानकारियों से भरा पड़ा है सब। हमको कायर बनाया जा रहा है जिसको हम समझना नहीं चाहते। विश्वास कीजिये हमें अपनी तीसरी पीढ़ी का नाम याद नहीं होगा लेकिन मुगलों की हर पीढ़ी हमें पूरी याद होगी। अब सोचिये कि किस तरह हमारे मन पर इस भ्रमित करने वाली जानकारी को योजनाबद्ध तरीके से डाला गया है। हवस का पुजारी सोचिये कि हवस शब्द उर्दू का तो पुजारी कैंसे बदनाम हो गया। ऐसे बहुत उदहारण आपको अपने आस पास मिल जायेंगे। जातिवाद में बांटकर हमारा वोट अलग अलग करना भी एक साजिश है इसको समझिये और इससे बहार निकलिए।
आज का सबसे मजबूत विरोध दर्ज करने का माध्यम है सोसिअल मीडिया इसका सहारा लीजिए जो आपके धर्म के साथ भेदभाव करे उखाड़ फेंकिए। अपना विरोध हर जगह दर्ज कीजिये जो भी आपके विरुद्ध खड़ा हो उसे संगठित होकर हटा दीजिये। जिनसे अभी ट्वीटर करने लगा था। ट्वीटर की जगह भारतीय कू जैसी ऍप को अपने फोनो में जगह दीजिये। मैं जानता हूँ कि इन ऍप में कमियां हैं लेकिन जब हम सपोर्ट करेंगे तो यह अच्छी होती चली जाएँगी। अपने देश के लिए सब कुछ कर जाइये यही मौका है कुछ करने का। अब इनको बिल्कुल भी कोई मौका न दीजिये पनपने का। पेट्रोल डीज़ल के नहीं भारत के लिए लड़िये जिसकी इस समय सबसे ज्यादा जरूरत है।
शायद आप लोगों ने जींद जिले की दनौदा गाउ से विद्या रानी कांग्रेसी नेता जिसने २०१४ और २०१९ में नरवाना विधान सभा से चुनाव लड़ा उसका भाषण भी सुन ही लिया होगा कि उसने क्या कहा ? हमारी कांग्रेस को इस किसान आंदोलन से एक नयी दिशा मिलेगी एक नया बल मिलेगा हमारी कांग्रेस तो खत्म ही हो चुकी थी लेकिन इस किसान आंदोलन से एक नयी जान मिली हमारी पार्टी एक नए तरीके से जन्म लेगी। हमारा अस्तित्व खत्म हो चुका था। आपसे जो बन पाए उस तरह हर संभव सहयोग करे पानी दूध दही खाना पैंसा एवं शराब से भी कर सकते हैं। अब सोचिये पार्टी मानसिकता क्या है ये पार्टी बचने हेतु हर संभव प्रयास कर रही हैं। इतनी खुलकर ये बातें कहना इनकी झुंझलाहट को दिखता है और यह सब आपके वोट के कारण संभव हुआ है इस बार इनको जड़ से उखड फेंकना है। यह मानसिकता हमारे भविष्य हेतु अच्छी नहीं।
अब संकोच न करें जो है वही कहें। डरें नहीं अपनी ताकत को पहचानिये और इस लड़ाई में अपना पूर्ण सहयोग दें। हर उस वस्तु का विरोध करें जो हिन्दू समाज के विरोध में हो। हर उस व्यक्ति का विरोध करें जो सामाजिक नियमावली के विरुद्ध जाकर कार्य करे। वेद अस्त्र एवं शास्त्रों कि पूजा करना शुरू करें। अस्त्र सस्त्र को अपने घर में स्वयं कि रक्षा हेतु स्थान दें। बच्चों को अच्छे संस्कार के साथ साथ धर्म रक्षा हेतु ज्ञान प्रदान करें। हमारे क्षत्रिय वीरों के बारे में पढ़िए और वही पढ़ाइये।
आपके उज्जवल भविष्य एवं सुखद जीवन की मंगल कामना के साथ।
आशीष भट्ट
सेल्स हेड - सेलब्लेस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड
सदस्य - शिवालिक उत्तरांचल विकास समिति

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