मृत्यु एवं समय

 

                           





                                    मृत्यु और समय दोनों  ऐसे  सत्य हैं जिनका होना निश्चित है मृत्यु आनी  ही आनी  है और यह समय बीतेगा ही बीतेगा। मृत्यु का जो समय हमारे लिए निश्चित है उसका पूर्वानुमान हम लोगों को कदाचित  नहीं और मृत्यु एक अटल सत्य  है।  अपने जीवित रहते  ही सुनिश्चित करें मृत्यु के समय आप स्वयं से संतुष्ट हो । समय अपनी गति से आगे बढ़ता है समय यह नहीं देखता कि आप रुक गए हैं या आप विश्राम कर रहे हैं।  उसका कार्य निरंतर चलना है और वह अपना कार्य पूर्ण निष्ठा से कर रहा है यदि हम समय के साथ नहीं हैं तो यह दोष पूर्ण रूप से हमारा है।  हम सफल हैं या नहीं यह महत्वपूर्ण नहीं है परन्तु हम स्वयं के कार्यों से संतुष्ट हैं या नहीं यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है।  समय हमारा परिचय सदैव उन बातों से करवाता है जिनसे  हम स्वयं को स्थिर कर पाएं परन्तु इन बातों को हम कितना समझ पाते  हैं यह सुनिश्चित करना हमारा कार्य है।  मृत्यु एक अटल सत्य है और आज के समय में मानसिक स्थिरता न होने के कारण कई लोगों को कहते सुना है कि इससे अच्छा  मृत्यु  हो जाये।  हम सभी कभी न कभी यह सोचते हैं और इतना सोचते हैं कि मृत्यु पाने के कई साधनों की कल्पना भी कर लेते हैं परन्तु ध्यान से सोचिये कि हम कितने स्वार्थी हैं हम मृत्यु के बारे में तो सोचते हैं लेकिन उसको किसी के लिए  समर्पित नहीं करना चाहते।  हम यह क्यों नहीं सोच पाते कि मृत्यु से अच्छा है कि जीवित रहकर समाज की समस्याओं को दूर करने हेतु प्रयत्न किये जाएँ।  हम आध्यात्म के उस चरम को प्राप्त करें जिससे हमारे जीवन में कोई विरोधभास ही न हो।  जीवन को सार्थक बनाना ही हमारा पहला उद्देश्य होना चाहिए।  अपने अंदर के बुरे भावों का समापन करके देखिये सच में जीवन बहुत सुन्दर है। हम में से कई लोग हैं जो जीवन को अभी भी नहीं समझ पाए जिसमे से एक मैं भी हूँ और समझने हेतु प्रयासरत  हूँ लेकिन विश्वास कीजिये मैं इस मार्ग पर थोड़ा सा आगे बढ़ा हूँ तो इतना अच्छा लग रहा सोचिये की पूर्ण रूप से वहां होना कितने आनंद की अनुभूति करवाएगा।  

                                    माया , मोह , मद ,लोभ , ईर्ष्या , काम इन सब पर मन को स्थिर करना एवं इन्हे मन से निकालना अत्यंत आवश्यक है।  सबके साथ मिलकर कार्य करें ,सबका सहयोग करें , सबको आदर एवं सम्मान प्रदान करें , समर्पित भाव से चरितार्थ कार्यों को करें।  एक अच्छे श्रोता अवश्य बनिए क्यूंकि कई बार हम किसी की बातों से बहुत कुछ सीख जाते हैं।  किसी भी अच्छे कार्य के परिणाम के बारे में कदाचित  ना सोचें।  सफल होने के लिए आप अपने द्वारा किये गए कार्यों के लिए दूरगामी परिणाम सोच सकते हैं परन्तु वह भी तब की परिस्थिति पर निर्भर करता है।  आपके द्वारा वही कार्य किये जाने चाहिए जिनके लिए आपकी अंतरात्मा द्वारा निर्देश दिए जाएँ।  सफलता आपके निरंतर प्रयासों की कुंजी है यह सोच कर प्रयास ना करें कि आप जल्दी सफल हो जायेंगे।  सफलता प्रदर्शित करती है कि आपने उस सफलता हेतु अनेक प्रयास किये हैं और आपके प्रयासों  की दिशा सही है।  हमारे प्रयास होने चाहिए कि समय को  पूर्ण रूप से कार्यान्वित करके उसका सम्पूर्ण उपयोग किया जाये।  यही हमारे जीवन का एक मात्र उद्देश्य होना चाहिए।  सद्गुरु को सुनते हुए मैंने सुना कि जब हम सोये होते हैं तो वह भी मृत्यु के सामान ही है मैंने इस बारे में सोचा और पाया कि हम अपने दिन  का एक तिहाई  हिस्सा सोने में गुजार देते हैं जो कि बहुत ज्यादा है।  


                    जीवन को सफल बनाने  हेतु समय और मृत्यु के फेर को समझना अति आवश्यक है इसलिए दो बातें अपने जीवन में सुनिश्चित करने का आज से ही प्रयास करें पहला कि हमारा समय बहुत बहुमूल्य है इसको सोने और अनावश्यक कार्यों में नष्ट ना करें। हर उस क्षण का उपयोग करें जिस क्षण में आपके विचारों में आलस्य जन्म लेता है।  अपने पास पुस्तकें रखें जब आपके पास कुछ करने को ना हो इनके साथ समय बिताएं।  आध्यात्मिकता से जोड़ने वाले लोगों के विचारों को सुने। अपने घर के  बुजुर्गों से बातों का आदान प्रदान करें एवं उनकी कार्यकुशलता का अनुभव प्राप्त करें।  प्रयास करें कि जब भी आप गलत विचारों की और अग्रसर हों तो उस समय स्वयं  पर नियंत्रण कर पुस्तक या अपने से बड़ों कि सहायता लें। हर उस क्षण जिस क्षण बुरे विचार मन में आएं तो मृत्यु के बारे में अवश्य सोचें विचार करें की मृत्यु के पहले आपको ऐतिहासिक कार्य करने हैं। अपनी मानसिक स्थिति में हो रहे परिवर्तनो पर विशेष ध्यान दें नकारात्मक परिवर्तन पर बिना बिलम्ब सचेत हो जाएँ एवं सकारात्मक विचारों  की ओर अग्रसर रहें।  अपने चेहरे पर खुशियों के भाव लाएं  मुस्कुराहट रखिये क्यूंकि आपकी मुस्कुराहट आपके लिए सदैव सबसे बहुमूल्य है जो कि आपके आत्मविश्वाश के लिए अमृत का कार्य करती है।  हमारे जीवन और मृत्यु के बीच का बहुमल्य समय ही हमारी पहचान है इसलिए अपनी पहचान के लिए कार्यरत रहें। 



आपकी सफलता कि मंगल  कामना के साथ 





आशीष भट्ट 

मार्केटिंग मैनेजर - सेलब्लेस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड 

सदस्य - शिवालिक उत्तरांचल विकास समिति

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